हरेला पर्व पर रजनी केयर फाउंडेशन ने हरिद्वार में आयोजित किया वृक्षारोपण कार्यक्रम
हरेला पर्व पर रजनी केयर फाउंडेशन ने हरिद्वार में आयोजित किया वृक्षारोपण कार्यक्रम
हरेला पर्व के पावन अवसर पर रजनी केयर फाउंडेशन (RCF) – हरिद्वार द्वारा 19 जुलाई 2026 को गुरुद्वारा श्री गुरु नानक दरबार, सेक्टर-2, बी.एच.ई.एल., हरिद्वार में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पर्यावरण संरक्षण गतिविधि का उद्देश्य अधिक से अधिक पौधे लगाकर समाज को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित भविष्य के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और समुदाय के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने मिलकर पौधे लगाए और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प भी लिया। इस सामूहिक प्रयास ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सभी का साझा दायित्व है।
हरेला पर्व का क्या महत्व है?
हरेला उत्तराखंड का प्रमुख लोकपर्व है, जो प्रकृति, कृषि, हरियाली और समृद्धि के प्रति सम्मान को दर्शाता है। यह पर्व हमें पेड़-पौधों के संरक्षण और प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देता है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए रजनी केयर फाउंडेशन ने इस अवसर को एक सार्थक वृक्षारोपण अभियान में परिवर्तित किया।
वृक्षारोपण क्यों आवश्यक है?
पेड़ हमारे पर्यावरण को संतुलित रखने, वायु की गुणवत्ता सुधारने, मिट्टी के कटाव को रोकने और जैव विविधता को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बढ़ते शहरीकरण और जलवायु परिवर्तन के बीच वृक्षारोपण भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ पर्यावरण तैयार करने की दिशा में आवश्यक कदम है।
NGO in India के रूप में सामाजिक एवं पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के लिए कार्यरत रजनी केयर फाउंडेशन का मानना है कि प्रत्येक लगाया गया पौधा केवल हरियाली नहीं बढ़ाता, बल्कि भविष्य के लिए आशा का बीज भी बोता है। एक सक्रिय NGO in Haridwar के रूप में संस्था समुदाय की भागीदारी से ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
रजनी केयर फाउंडेशन सभी प्रतिभागियों और सहयोगियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता है, जिनकी उपस्थिति ने इस अभियान को सफल और प्रेरणादायक बनाया।
आइए, हम सभी कम-से-कम एक पौधा लगाएँ, उसकी देखभाल करें और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा एवं हरित पर्यावरण का उपहार दें।